🔥 24 घंटे में उखड़ी सड़क! PMGSY में बड़ा खेल, अफसर मौन – ठेकेदार बेलगाम
❗ बिना सफाई, बिना टेक-कोट… फिर कैसे टिकेगी सड़क?
ग्रामीणों के अनुसार, डामरीकरण से पहले न तो सतह की उचित सफाई की गई, न ही मापदंड अनुसार टेक-कोट डाला गया। नियमों के अनुसार टेक-कोट का छिड़काव बोजर मशीन से स्प्रे द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन मशीन साइट पर उपलब्ध ही नहीं थी। इसके बावजूद आनन-फानन में डामर बिछा दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डामर मिश्रण भी निर्धारित अनुपात में नहीं किया गया, नतीजतन सड़क जगह-जगह से उखड़ रही है। निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क का दम टूटना साफ बताता है कि गुणवत्ता से खुला खिलवाड़ किया गया है।
🧩 शिकायत के बाद भी GM की चुप्पी, ठेकेदार के हौसले बुलंद
ग्रामीणों ने गुणवत्ताहीन कार्य की सीधी शिकायत महाप्रबंधक (GM) कविता पटवा से की थी, लेकिन किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि GM की निष्क्रियता से ठेकेदार के हौसले और बुलंद हो गए और वह खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाता रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद होकर भी गुणवत्ता की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे यह संदेह और गहरा होता है कि शासन की राशि का दुरुपयोग जानबूझकर किया जा रहा है।
📌 विभाग की स्वीकारोक्ति: आरोप सही, NCR जारी
मामले पर हमारी टीम ने सहायक प्रबंधक (PMGSY) रजनी कोचेकर से संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए हैं। ठेकेदार पर NCR (नॉन-कन्फॉर्मेंस रिपोर्ट) जारी कर दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि:
गुणवत्ताहीन कार्य का भुगतान ठेकेदार को नहीं किया जाएगा
पिछले दो दिनों में किए गए बी.टी. रिन्यूवल को उखाड़कर दोबारा कराया जाएगा
खराब मटेरियल हटाकर पुनः मानक गुणवत्ता के साथ सड़क का निर्माण किया जाएगा
📵 फील्ड इंजीनियर गायब, सवाल बरकरार
हैरानी की बात यह है कि पिछले दो दिनों से फील्ड पर कार्य देख रहे विभागीय इंजीनियर संजय साहू से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे विभागीय निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
🚧 जनता परेशान, जिम्मेदारी किसकी?
इस घटिया निर्माण के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो यह मामला भी अन्य सड़कों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब बड़ा सवाल यह है कि—
क्या दोषी ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई होगी? या फिर PMGSY में गुणवत्ता के नाम पर यह लूट यूं ही चलती रहेगी?
🗣️ महाप्रबंधक (GM) कविता पटवा का पक्ष
इस संबंध में GM कविता पटवा ने अपने लिखित/व्हाट्सएप जवाब में बताया कि संबंधित मार्ग 05 वर्षीय संधारण एवं रखरखाव अंतर्गत है और वर्तमान में बी.टी. रिन्यूवल कार्य प्रगति पर है। 28.11.2025 को OGPC/सीलकोट का कार्य प्रारंभ किया गया था। लगभग 500 मीटर कार्य के बाद रात्रि में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण OGPC क्षतिग्रस्त हो गया। इसके उपरांत 03.12.2025 को ठेकेदार को नोटिस जारी कर क्षतिग्रस्त हिस्से को उखाड़कर पुनः बी.टी. रिन्यूवल कराने के निर्देश दिए गए, जिस पर ठेकेदार द्वारा कार्य दोबारा कराया गया।
❓ फिर भी उठते हैं ये अहम सवाल
यदि भारी वाहनों से कार्य खराब हुआ, तो रात्रिकालीन यातायात प्रतिबंध/डायवर्जन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
डामरीकरण से पहले सतह की सफाई और टेक-कोट स्प्रे मशीन साइट पर क्यों उपलब्ध नहीं थी?
24 घंटे में परत उखड़ना क्या मिश्रण अनुपात और गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल नहीं उठाता?











