“मुझे मारा, चेहरे पर थूका और पेशाब पिलाई…” — तुइयापानी के आदिवासी युवक की दास्तान, जिसने गांव को झकझोर दिया
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छिंदवाड़ा जिले के हर्रई क्षेत्र के छोटे से गांव तुइयापानी में बीती रात कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरे गांव को आक्रोश से भर दिया। गांव के एक आदिवासी युवक ने आरोप लगाया कि ढाबा संचालक और उसके साथियों ने उसे गांव के मंच पर बुलाकर न केवल बुरी तरह पीटा, बल्कि उसके साथ अमानवीय हरकतें भी कीं।
युवक का कहना है कि उसे मारते हुए आरोपियों ने उसके चेहरे पर थूका और जबरन पेशाब पिलाई। यह घटना 29 जून की रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। इस पूरी घटना ने आदिवासी समाज की आत्मसम्मान की पीड़ा को उजागर कर दिया।
युवक का कहना है कि वह पहले ढाबे पर काम करता था, लेकिन पैसों के विवाद के चलते काम छोड़ दिया। इसी रंजिश में ढाबा संचालक अपने साथियों के साथ घर आ धमका और उसे मंच पर ले जाकर सबके सामने बेइज्जत किया।
अगली सुबह जब गांववालों को यह बात पता चली तो सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। ढाबा बंद कराने की मांग हुई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ। प्रशासन के अधिकारी पहुंचे, लोगों को समझाया और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है और दो की तलाश जारी है। हालांकि, एएसपी का कहना है कि युवक की शिकायत में पेशाब पिलाने और चेहरे पर थूकने का ज़िक्र नहीं था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के ज़िला अध्यक्ष देवरावेन भलावी का कहना है कि यह सिर्फ़ एक युवक नहीं, पूरे समाज का अपमान है। उन्होंने स्थानीय आदिवासी विधायक पर भी चुप्पी का आरोप लगाया।
गांव में अभी हालात सामान्य हैं, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं — क्या आज भी आदिवासी समाज के साथ इस तरह का व्यवहार सहन किया जाएगा? क्या उनका आत्मसम्मान इतना सस्ता है कि कोई भी उसे कुचल दे?
अब पूरे गांव को पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतज़ार है… और न्याय की उम्मीद भी।



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