नर्मदापुरम में मूंग से भरे ट्रक की लूट: पांच आरोपी गिरफ्तार, मुख्य मास्टरमाइंड फरार
नर्मदापुरम, अमित जोशी, 'सतपुड़ा खबर':
पिपरिया स्टेट हाइवे पर सोहागपुर के पास 15 लाख रुपये की मूंग से भरे ट्रक की लूट का मामला सामने आया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों में कुछ पिपरिया मंडी के हम्माल और एक ड्राइवर शामिल थे। सोहागपुर थाना पुलिस ने घटना के एक सप्ताह के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस लूट के मास्टरमाइंड आरोपी अंकित पटेल और रामकुमार गुर्जर उर्फ मम्मा अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस महाराष्ट्र पहुंच गई है।
लूट की घटना का विवरण
गाडरवाड़ा के व्यापारी सुरेश कुमार साहू ने 26 जुलाई को करीब 21 टन ग्रेडेड मूंग को इंदौर के नव भारत ट्रांसपोर्ट सर्विस के ट्रक (क्रमांक एमपी 09 एचएच 1040) में लोड किया था। रात लगभग 11:30 बजे, ट्रक इंदौर के लिए रवाना हुआ। उसी रात, आरोपियों ने सोहागपुर के पास ट्रक का पीछा किया और स्विफ्ट कार से ट्रक को रोक लिया। आरोपियों ने ट्रक के ड्राइवर और हेल्पर को उतारकर उनके साथ झगड़ा किया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद, अंकित पटेल और रामकुमार गुर्जर ट्रक को लेकर नसीराबाद होते हुए बखतरा पहुंचे, जहां उन्होंने ट्रक से मूंग को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड किया और फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने जीपीएस की मदद से ट्रक की लोकेशन बखतरा के पास पाई। वहां से आगे डैम के पास ट्रक खाली मिला। ड्राइवर और हेल्पर को कुछ दूरी पर खोजा गया, जिन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। 1 अगस्त को, फरियादी ने ड्राइवर के साथ आकर ट्रक लूटने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्यवाही शुरू की। एसडीओपी संजू चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने अलग-अलग टीम बनाकर आरोपियों और लूटे गए माल की तलाश की। पुलिस ने अभिषेक पूर्विया उर्फ पलिया और रीतेश केवट उर्फ रामदेव को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने लूट की वारदात स्वीकार की और अन्य साथियों के नाम भी बताए।
मुख्य आरोपी की तलाश और अन्य की भूमिका
थाना प्रभारी ठाकुर ने बताया कि जांच के दौरान अन्य आरोपियों की संलिप्तता भी सामने आई है। मुख्य आरोपी अंकित पटेल और रामकुमार गुर्जर ने मूंग को अपने अन्य साथियों की मदद से कब्जे में रखा था। उनकी गिरफ्तारी के बाद और अन्य आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं, जो इस वारदात में शामिल थे। पुलिस की टीम में निरीक्षक कंचन सिंह, उनि प्रवीण यादव, सउनि अशोक सातनकर, प्रधान आरक्षक प्रकाश सिंह, आरक्षक दिनेश धुर्वे, नरेन्द्र पटेल, बलराम सोदे, स्वाती राजपूत, पिपरिया थाना के आरक्षक राममोहन रजक, अफसर खान, नीतेश दवंडे, रामेश्वर उइके और सायबर सेल के आरक्षक दीपेश सोलंकी, अभिषेक नरवरिया शामिल थे, जिन्होंने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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