बुधवार, 2 जुलाई 2025

ग्वालियर एसटीएफ का बड़ा खुलासा


ग्वालियर एसटीएफ का बड़ा खुलासा: फर्जी ST सर्टिफिकेट के ज़रिए सरकारी नौकरी कर रहे 25 अफसरों पर केस दर्ज, गिरफ्तारी की तैयारी

अमित जोशी,संपादक, सतपुड़ा खबर :

ग्वालियर: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सरकारी तंत्र में वर्षों से सक्रिय एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। आरटीआई एक्टिविस्ट गोरीशंकर राजपूत की शिकायत पर की गई जांच में सामने आया है कि 25 सरकारी कर्मचारी और अधिकारी फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र के आधार पर विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। एसटीएफ ने मंगलवार रात इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है।

संगठित गिरोह के ज़रिए बनवाए गए फर्जी जाति प्रमाण पत्र

जांच की शुरुआत आरटीआई कार्यकर्ता गोरीशंकर राजपूत को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर हुई। शिकायत के अनुसार, एक संगठित गिरोह के माध्यम से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाए गए और इनका उपयोग विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियां पाने के लिए किया गया।
एसटीएफ डीएसपी संजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में गठित 11 सदस्यीय टीम ने इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की। जांच में 25 ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनके जाति प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। इन सभी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है, लेकिन प्राथमिक जांच में फर्जीवाड़ा प्रमाणित हो चुका है।

इन विभागों में तैनात हैं फर्जी अफसर-कर्मचारी:

  • शिक्षा विभाग (लेक्चरर)
    स्वास्थ्य विभाग (चिकित्सक)
    राजस्व विभाग
    जनजाति कार्य विभाग
    पुलिस विभाग (सूबेदार स्तर तक)
    पीडब्ल्यूडी / पीएचई (असिस्टेंट इंजीनियर)

पहचान में आए आरोपितों के नाम

अब तक जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें सीताराम, जवाहर सिंह, सरला मांझी, राजेश कुमार, कुसुम मांझी और सुनीता रावत (मीणा) सहित अन्य 19 लोग शामिल हैं। ये सभी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर वर्षों से सरकारी सेवाओं का लाभ ले रहे थे।

प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी भी घेरे में

एसटीएफ ने सिर्फ फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, बल्कि ऐसे प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लिया है। इन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है और उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।


जल्द हो सकती है गिरफ्तारियाँ

डीएसपी एसटीएफ संजीव कुमार तिवारी ने बताया कि,

"25 व्यक्तियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जा चुका है। दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। साथ ही, फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों को भी नोटिस भेजे गए हैं। जो भी इस फर्जीवाड़े में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"




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