मंगलवार, 1 जुलाई 2025

दादाजी धाम में भूमिपूजन, सीएम पहुंचे

 


दादा धूनीवाले मंदिर नवनिर्माण का भूमिपूजन: सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे खंडवा, संतों का लिया आशीर्वाद, पांच कन्याओं ने की गेंती से शुरुआत

अमित जोशी,संपादक, सतपुड़ा खबर : खंडवा

मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक हृदय स्थल दादाजी धाम में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़े दादाजी श्री केशवानंद महाराज और छोटे दादाजी श्री हरिहरानंद महाराज की समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना कर मंदिर नवनिर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने संतों से आशीर्वाद लिया और धर्मसभा में सम्मिलित होकर प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के उपरांत वे भोपाल के लिए रवाना हुए।

पांच कन्याओं ने चलाई गेंती, शुभ मुहूर्त में हुआ भूमिपूजन

धार्मिक परंपराओं के अनुसार भूमि पूजन की शुरुआत पांच कन्याओं द्वारा गेंती चलाकर की गई। इसके बाद संतों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अनुष्ठान संपन्न हुआ। शुभ मुहूर्त सुबह 11:40 से दोपहर 12:15 के मध्य निर्धारित था।

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य मंदिर, होंगे 108 खंभे

करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस दिव्य मंदिर में 84 ओपन और 24 कवर खंभों सहित कुल 108 खंभे निर्मित किए जाएंगे, जो इसकी भव्यता और आध्यात्मिकता का प्रतीक होंगे। यह निर्माण कार्य न केवल खंडवा की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा, बल्कि यह क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र बनेगा।

अखंड धूनी और नर्मदा प्रतिमा की रहेगी विशेष व्यवस्था

दादाजी धाम में 1930 से निरंतर जल रही अखंड धूनी इस स्थल की ऊर्जा और तप का प्रतीक है। वहीं मां नर्मदा की प्रतिष्ठित प्रतिमा और बड़े दादाजी की समाधि पर प्रतिदिन चार बार भोग अर्पित किया जाता है। नर्मदा परिक्रमा करने वाले हजारों श्रद्धालु यहां विश्राम करते हैं और भंडारे में टिक्कड़-दाल की प्रसादी का आनंद लेते हैं।

धार्मिक धरोहर को नया स्वरूप देने की ऐतिहासिक पहल

साल 1930 में जब श्री केशवानंद महाराज ने यहाँ समाधि ली और 1942 में उनके शिष्य श्री हरिहरानंद महाराज ने भी उसी मार्ग को अपनाया, तब से यह धाम श्रद्धालुओं का मार्गदर्शक बन गया। अब इस दिव्य स्थल को आधुनिक स्वरूप देने की यह पहल, न केवल एक निर्माण कार्य है, बल्कि आस्था, परंपरा और विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संतों से आशीर्वाद प्राप्त कर, पूजा में सम्मिलित कन्याओं को 500-500 रुपये भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।खंडवा, 1 जुलाई।
मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक हृदय स्थल दादाजी धाम में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़े दादाजी श्री केशवानंद महाराज और छोटे दादाजी श्री हरिहरानंद महाराज की समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना कर मंदिर नवनिर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने संतों से आशीर्वाद लिया और धर्मसभा में सम्मिलित होकर प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के उपरांत वे भोपाल के लिए रवाना हुए।

पांच कन्याओं ने चलाई गेंती, शुभ मुहूर्त में हुआ भूमिपूजन

धार्मिक परंपराओं के अनुसार भूमि पूजन की शुरुआत पांच कन्याओं द्वारा गेंती चलाकर की गई। इसके बाद संतों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अनुष्ठान संपन्न हुआ। शुभ मुहूर्त सुबह 11:40 से दोपहर 12:15 के मध्य निर्धारित था।

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य मंदिर, होंगे 108 खंभे

करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस दिव्य मंदिर में 84 ओपन और 24 कवर खंभों सहित कुल 108 खंभे निर्मित किए जाएंगे, जो इसकी भव्यता और आध्यात्मिकता का प्रतीक होंगे। यह निर्माण कार्य न केवल खंडवा की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा, बल्कि यह क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र बनेगा।

अखंड धूनी और नर्मदा प्रतिमा की रहेगी विशेष व्यवस्था

दादाजी धाम में 1930 से निरंतर जल रही अखंड धूनी इस स्थल की ऊर्जा और तप का प्रतीक है। वहीं मां नर्मदा की प्रतिष्ठित प्रतिमा और बड़े दादाजी की समाधि पर प्रतिदिन चार बार भोग अर्पित किया जाता है। नर्मदा परिक्रमा करने वाले हजारों श्रद्धालु यहां विश्राम करते हैं और भंडारे में टिक्कड़-दाल की प्रसादी का आनंद लेते हैं।

धार्मिक धरोहर को नया स्वरूप देने की ऐतिहासिक पहल

साल 1930 में जब श्री केशवानंद महाराज ने यहाँ समाधि ली और 1942 में उनके शिष्य श्री हरिहरानंद महाराज ने भी उसी मार्ग को अपनाया, तब से यह धाम श्रद्धालुओं का मार्गदर्शक बन गया। अब इस दिव्य स्थल को आधुनिक स्वरूप देने की यह पहल, न केवल एक निर्माण कार्य है, बल्कि आस्था, परंपरा और विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संतों से आशीर्वाद प्राप्त कर, पूजा में सम्मिलित कन्याओं को 500-500 रुपये भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

खंडवा, 
मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक हृदय स्थल दादाजी धाम में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़े दादाजी श्री केशवानंद महाराज और छोटे दादाजी श्री हरिहरानंद महाराज की समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना कर मंदिर नवनिर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने संतों से आशीर्वाद लिया और धर्मसभा में सम्मिलित होकर प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के उपरांत वे भोपाल के लिए रवाना हुए।

पांच कन्याओं ने चलाई गेंती, शुभ मुहूर्त में हुआ भूमिपूजन

धार्मिक परंपराओं के अनुसार भूमि पूजन की शुरुआत पांच कन्याओं द्वारा गेंती चलाकर की गई। इसके बाद संतों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अनुष्ठान संपन्न हुआ। शुभ मुहूर्त सुबह 11:40 से दोपहर 12:15 के मध्य निर्धारित था।

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य मंदिर, होंगे 108 खंभे

करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस दिव्य मंदिर में 84 ओपन और 24 कवर खंभों सहित कुल 108 खंभे निर्मित किए जाएंगे, जो इसकी भव्यता और आध्यात्मिकता का प्रतीक होंगे। यह निर्माण कार्य न केवल खंडवा की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा, बल्कि यह क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र बनेगा।

अखंड धूनी और नर्मदा प्रतिमा की रहेगी विशेष व्यवस्था

दादाजी धाम में 1930 से निरंतर जल रही अखंड धूनी इस स्थल की ऊर्जा और तप का प्रतीक है। वहीं मां नर्मदा की प्रतिष्ठित प्रतिमा और बड़े दादाजी की समाधि पर प्रतिदिन चार बार भोग अर्पित किया जाता है। नर्मदा परिक्रमा करने वाले हजारों श्रद्धालु यहां विश्राम करते हैं और भंडारे में टिक्कड़-दाल की प्रसादी का आनंद लेते हैं।

धार्मिक धरोहर को नया स्वरूप देने की ऐतिहासिक पहल

साल 1930 में जब श्री केशवानंद महाराज ने यहाँ समाधि ली और 1942 में उनके शिष्य श्री हरिहरानंद महाराज ने भी उसी मार्ग को अपनाया, तब से यह धाम श्रद्धालुओं का मार्गदर्शक बन गया। अब इस दिव्य स्थल को आधुनिक स्वरूप देने की यह पहल, न केवल एक निर्माण कार्य है, बल्कि आस्था, परंपरा और विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संतों से आशीर्वाद प्राप्त कर, पूजा में सम्मिलित कन्याओं को 500-500 रुपये भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।



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